Ye kaun kahata hain ki wo the pyase

Ye kaun kahata hai ki wo the pyase, forat ke lab hi sukh gaye the 
Hussain sabro raza ka pani Wo raat hi ko pila rahe the
Salam lelo ae mere nana, Ye kah ke karbal huwe rawana
to unki raaho me dekho aa kar, Fariste palake bichha rahe hain

Ye kaun kahata hain ki wo the pyase, Wo raat ke lab hi sukh gaye the 

Hussain azam se bachbane me, Huwa tha nana se jo ke wada
Usi ko maidane karbala me, Khushi se badh kar nibha rahe hain


Ye kaun kahata hain ki wo the pyase, forat ke lab hi sukh gaye the 
Hussain sabro raza ka pani Wo raat hi ko pila rahe the

Zameen Karbal siham gae hain, Falaq ka chehara utar gaya hain
Khushi se akbar ko karbala men, Hussain dulha bana rahe hain 

Ye kaun kahata hain ki wo the pyase, forat ke lab hi sukh gaye the 



 Hindi Me Padhe 

ये कौन कहता हैं की वो थे प्यासे

ये कौन कहता हैं की वो थे प्यासे, फोरात के लब ही सुख गए थे 
हुसैन सबरो रज़ा का पानी, वो रात ही को पीला रहे थे 
सलाम लेलो ऐ मेरे नाना, ये कह के कर्बल हुवे रवाना
तो उनकी राहो में देखो आ कर, फरिस्ते पलके बिछा रहे हैं 
हुसैन आज़म से बचपने में, हुवा था नाना से जो वादा
उसी को मैदाने कर्बला में, ख़ुशी से बढ़ कर निभा रहे हैं 


ये कौन कहता हैं की वो थे प्यासे, फोरात के लब ही सुख गए थे
हुसैन सबरो रज़ा का पानी, वो रात ही को पीला रहे थे
 

ज़मीन कर्बल सिहम गई हैं, फलक का चेहरा उतर गया हैं 
ख़ुशी से अकबर को कर्बला में, हुसैन दूल्हा बना रहे हैं 


ये कौन कहता हैं की वो थे प्यासे, फोरात के लब ही सुख गए थे 

 VOICE BY – Arshad Raza Barkati  ↡↡↡ 

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