New Manqabat Lyrics | New Manqabat Lyrics

Nejo pe apne sar ko uthana sikha diya

Nejo pe apne sar ko uthana sikha diya
Shabbir ne saro ko katana sikha diya
Khud hi lagadi jaan ki baaji hussain ne
Lekin yajidiyat ko mitana sikha diya
Akbar ne di azan jo maidane jang me
Jo so rahe the unko jagana sikha diya 
Nejo pe apne sar ko uthana sikha diya
Shabbir ne saro ko katana sikha diya
Piyo sitam nahi hai tabsum ka faiz hai
asgar ne hurmala ko nisana sikha diya

Nejo pe apne sar ko uthana sikha diya
Maidane karbala me 72 shahid ne
rahe khuda me khun bahana sikha diya

नेजो पे अपने सर को उठाना सीखा दिया

नेजो पे अपने सर को उठाना सीखा दिया 
शब्बीर ने सरो को कटना सीखा दिया 
खुद ही लगा दी जान की बाजी हुसैन ने 
लेकिन यजीदियत को मिटाना सीखा दिया 
अकबर ने दी अज़ान जो मैदाने जंग में 
जो सो रहे थे उनको जगाना सीखा दिया 
नेजो पे अपने सर को उठाना सीखा दिया 
शब्बीर ने सरो को कटना सीखा दिया 
पिरो सितम नहीं हैं तब्सुम का फैज़ हैं
असगर ने हुरमला को निशाना सीखा दिया 
नेजो पे अपने सर को उठाना सीखा दिया 
मैदाने कर्बला में 72 शहीद ने 
रहे खुदा में खून बहाना सीखा दिया 



VOICE BY Arshad Raza Barkati ↡↡↡

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